'जब तक तुम लौट कर आओगे वक्त बदल चुका होगा. यहीं कहा था मैंने तुमसे और आज इतने सालों बाद मिले हो तो तुम मुझे पहचान ही नहीं रहे हो. कैसे हो तुम? बदल गए हो एकदम. पहले जैसे नहीं हो. अब तुम्हारी दाढ़ी नहीं है, मूछ भी नहीं रखते, कपड़े भी पहले की तरह फार्मल नहीं पहनते. मैं हमेशा तुमसे कहा करती थी कि दाढ़ी ना रखा करो, तुम पर अच्छी नहीं लगती. लेकिन तुम सुनते कहां थे मेरी. अब देखो क्लीन शेव. जीन्स वीन्स. अरे कुछ बोलेगो. कब से मैं ही बोले जा रही हूं. सुन भी रहे हो या नहीं. पहले तो तुम मेरे इतना बोलने पर पल भर में गुस्सा हो जाते थे. अब शांत होकर सब सुन रहे हो. वाकई में तुम एकदम बदल गए हो.'
'तुम्ही ने कहा था जब तक लौटूंगा वक्त बदल चुका होगा और वक्त बहुत कुछ बदल देता है. उसने मुझे भी बदल दिया है.' अब थोड़ा शांत रहता हूं. बात-बात पर गुस्सा नहीं करता हूं. दरअसल में अब गुस्सा आता ही नहीं है मुझे. अब प्रोफेशनल हो गया हूं तो दाढ़ी नहीं रखता. प्रैक्टिकल भी हो गया हूं, जो तुम मुझे हमेशा होने के लिए कहा करती थी..बी प्रैक्टिकल,,,बी प्रैक्टिकल.'
'सच बताओ तुम अब भी मुझसे प्यार करते हो?'
'नहीं, अब प्रैक्टिकल हो गया हूं.'
'अच्छा, और बताओ कैसे हो.'
' मैं अच्छा हूं, तुम बताओ.'
'मै भी ठीक हूं'.................................................................................................................................................

Comments
Post a Comment