तुम इतना हंसती क्यों हो

सुनो तुम इतना हंसती क्यों हो?
बस ऐसे ही...क्यों तुम नहीं हंसते?
ऐसे ही का क्या मतलब है..कोई तो वजह होगी हंसने की.
अरे बाबा इंसान को हंसते रहना चाहिए. हंसने के बहुत सारे फायदे होते हैं.
यहां जिंदगी झंड पड़ी हुई है और तुम फायदे गिना रही हो.
क्या हो गया?
कुछ नहीं.  कुछ वक्त शांत रह सकती हो?
ओके...ओके... गुस्सा मत हो. अच्छा बताओ हुआ क्या है?
कुछ नहीं... बस थोड़ी तबीयत सही नहीं लग रही है.
रूको. मैं अभी आ रही हूं.
अरे कहां जा रही हो?  ये भी न. जरा सा इसको अपनी प्रॉब्लम क्या बताओ, पूरा घर सिर पर उठा लेती है.
अरे सुनो... कहां जा रही हो? मैं ठीक हूं.
आ  रही हूं अभी.
ये लो एकदम गरमागरम, कड़क अदरक वाली चाय. तबीयत छूमंतर हो जाएगी.
अहा ! .सच में तबीयत खुश हो गया. इस तुम्हारे चाय ने तो सारा टेंशन ही गायब कर दिया. भगवान ऐसी बीवी सबको दे.
अच्छा ये बताओ, तुम हंस क्यों रही थी.
वो कुछ नहीं, एलबम में शादी के पहले की फोटो देख रही थी.

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