प्यारी चाय

देश में हालात ठीक नहीं है. तुम ठीक हो न. ज्यादा गर्म मत रहना. वैसे भी मुझे तुम्हारा जलाने वाला रूप पसंद नहीं है. जब भी तुम मेरे साथ होती हो, तो मैं तुम्हारे ठंडे रूप को ही चुनता हूं. अपने रूप और स्वभाव से न जाने कितनों को तुम दिवाना बना देती हो और दिवानगी इस कदर बढ़ती है कि तुम्हारी चाहत बढ़ जाती है.  किसी की जीभ मत जलाना, क्योंकि कभी-कभी तुम न बहुत हार्ड बहुत हार्ड जला जाती हो. जैसा कि देश में अभी नफरत की आग सबकुछ जला  रही है. फिर भी तुम कईयों की  पहली पसंद हो. मेरी भी.
-प्यारी चाय

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